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केरोसिन डाल शख्स ने की आत्मदाह की कोशिश, धधक उठा स्थानीय लोगों का गुस्सा
कोलकाता। न्यूटाउन में अवैध निर्माण और जलाशयों पर कब्जे के खिलाफ जारी असंतोष ने अब एक बेहद खौफनाक मोड़ ले लिया है। लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच रविवार को एक प्रदर्शनकारी द्वारा आत्मदाह की कोशिश ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। अवैध कब्जे से त्रस्त स्थानीय लोगों का धैर्य उस वक्त जवाब दे गया जब एक व्यक्ति ने प्रशासन की अनदेखी से हताश होकर अपने ऊपर केरोसिन छिड़क लिया और खुद को आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और सजग नागरिकों की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी तो टल गई, लेकिन इस घटना ने न्यूटाउन की शांत सड़कों पर तनाव की ऐसी चिंगारी सुलगा दी है जो अब बुझने का नाम नहीं ले रही। घटना के पीछे की मुख्य वजह एक स्थानीय जलाशय (वॉटर बॉडी) के इर्द-गिर्द हो रहा कथित अवैध निर्माण बताया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि भू-माफियाओं द्वारा नियमों को ताक पर रखकर प्राकृतिक जल स्रोतों को भरा जा रहा है और वहां धड़ल्ले से कंक्रीट का जाल बिछाया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और इलाके के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर चिंतित नागरिकों ने कई बार प्रशासनिक चौखट पर दस्तक दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने से उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन और बिल्डरों की मिलीभगत के कारण ही ये अवैध निर्माण बिना किसी डर के जारी हैं। आत्मदाह की इस कोशिश के बाद इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। घटना के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर समय रहते उस व्यक्ति को न रोका जाता तो यह मामला कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता था। इस घटना ने एक बार फिर न्यूटाउन और साल्टलेक जैसे इलाकों में तेजी से बढ़ रहे अनधिकृत निर्माणों और उनके खिलाफ होने वाली ढुलमुल प्रशासनिक कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। चुनावी सरगर्मी के बीच हुई इस घटना ने राजनीतिक रूप भी लेना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों ने इसे राज्य सरकार की विफलता बताते हुए आरोप लगाया है कि चुनावी व्यस्तता का फायदा उठाकर भू-माफिया सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने अब अल्टीमेटम दिया है कि यदि तुरंत अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। फिलहाल पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और इलाके में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए शांति बैठकें की जा रही हैं, लेकिन लोगों की आंखों में तैरता गुस्सा किसी बड़े तूफान का संकेत दे रहा है।